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बिना लिंक, OTP, मैसेज के बैंक अकाउंट से धार के वरिष्ठ डॉ. जिंदल के कट गए 1 लाख रुपये। एसबीआई के टोल फ्री नंबर से आया फोन, नौगांव पुलिस ने किया प्रकरण दर्ज

बिना लिंक, OTP, मैसेज के बैंक अकाउंट से धार के वरिष्ठ डॉ. जिंदल के कट गए 1 लाख रुपये
एसबीआई के टोल फ्री नंबर से आया फोन, 7 किश्तों में कटे रुपए, नौगांव पुलिस ने किया प्रकरण दर्ज


ज्ञानेंद्र त्रिपाठी

धार। धार शहर में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया ।आमतौर पर बैंक फ्रॉड में ओटीपी या किसी लिंक पर क्लिक करवाकर पैसे उड़ाए जाते हैं, लेकिन इस बार न तो कोई लिंक आया और न ही कोई ओटीपी। इसके बावजूद खाते से किश्तों में एक लाख रुपये कट गए।
धार की सिल्वर हिल्स कालोनी (101) के निवासी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कैदारचंद पिता सुन्दरलाल जिंदल 61 वर्ष साइबर ठगी का शिकार हो गए। 10 अगस्त की सुबह करीब 10:00 बजे पीड़ित के मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले अज्ञात ठग ने खुद को एसबीआई के टोल फ्री नंबर (911600100100) का प्रतिनिधि बताते हुए जानकारी दी कि उनके खाते से बार-बार पैसे कट रहे हैं। 
इसके बाद जब पीड़ित डॉक्टर जिंदल ने भारतीय स्टेट बैंक की रघुनाथपुरा शाखा (धार) जाकर अपने खाते की जांच कराई, तो पता चला कि उनके यूपीआई आईडी के जरिए विभिन्न किस्तों में (49,600 रुपये, 10,000 रुपये, 10,000 रुपये, 9,500 रुपये, 9,000 रुपये, 8,500 रुपये और 3,400 रुपये) कुल 1,00,000 रुपये की अवैध निकासी हो चुकी थी। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद बुधवार को थाना नौगाँव जिला धार में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है।
डॉ जिंदल द्वारा मामले में पहले साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच और तस्दीक के बाद थाना नौगाँव में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। 
यह मामला साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए भी सतर्क करने वाला है, जहाँ फर्जी कॉलर आईडी का उपयोग कर बैंक के टोल-फ्री नंबर जैसा नंबर दिखाकर लोगों को झांसे में लिया जा रहा है। पुलिस ने आम जनता को सचेत किया है कि किसी भी संदिग्ध कॉल आने पर सीधे अपने बैंक की नजदीकी शाखा में संपर्क करें और किसी भी अज्ञात कॉलर की बातों में न आएं।

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