पारिवारिक विवाद में जीजा ने नाबालिग साली को उतारा मौत के घाट, महाराष्ट्र से गिरफ्तार
धार। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात में एक जीजा ने पारिवारिक विवाद में अपनी ही 12 वर्षीय नाबालिग साली को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने मासूम को कुएं में धक्का देकर उसकी जान ले ली और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार राज्यों की सीमाएं बदलता रहा। हालांकि, पुलिस की सक्रियता और तकनीकी साक्ष्यों के बल पर आरोपी को आज 16 जुलाई गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। अब सलाखों के पीछे है।
मामला धार जिले के थाना बाग थाना अंतर्गत ग्राम रिसावला से बीती 12 जुलाई को एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत और सगे जीजा अनिल पर जताए गए संदेह के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। खोजबीन के दौरान बालिका का शव पाडलिया घाटी स्थित वन विभाग के एक कुएं में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए जांच तेज कर दी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी अनिल पिता शेरसिंह दोहदिया उम्र 24 वर्ष निवासी अलीराजपुर ने फरवरी 2026 में इंस्टाग्राम के जरिए मृतिका की बड़ी बहन से संपर्क किया था और बाद में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। शादी के कुछ समय बाद ही उनके बीच पारिवारिक विवाद शुरू हो गया, जिससे बात संबंध विच्छेद तक पहुंच गई। इसी बात से नाराज होकर आरोपी अनिल ने बदला लेने की नीयत से अपनी 12 वर्षीय साली को जंगल के कुएं में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुजरात फरार हो गया था। सायबर सेल और मुखबिरों की मदद से पुलिस टीम ने पहले गुजरात में दबिश दी। वहां से आरोपी के महाराष्ट्र भागने की सूचना मिलने पर पुलिस ने शाहदा (महाराष्ट्र) में घेराबंदी कर धर दबोचा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी अनिल पिता शेरसिंह दोहदिया के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में थाना प्रभारी निरीक्षक हिरुसिंह रावत, उप निरीक्षक प्रमिला जमरे, सहायक उप निरीक्षक कमलेश राठौड़िया, लोकेश रायपुरिया, दशरथ चौहान, प्रधान आरक्षक भावसिंह रावत, सखाराम गोखले, आरक्षक राजसिंह चौहान, मुकेश किराड़, सीताराम डोडवे और सायबर सेल के आरक्षक प्रशांत चौहान की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
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