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सौतेले बाप ने दिव्यांग बेटी के साथ दुष्कर्म कर उसे बनाया मां , न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा


दिव्यांग बेटी के साथ दुष्कर्म कर मां बनने वाले सौतेले पिता को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

धार से ज्ञानेंद्र त्रिपाठी
धार के द्वितीय अतिरिक्‍त न्‍यायाधीश ने दिव्यांग बेटी के साथ दुष्कर्म कर मां बनने वाले सौतेले पिता को आजीवन शेष प्राकृत जीवनकाल के कारावास व 30,000/- रूपये के अर्थदण्‍ड  से दंडित किया।
वन स्‍टॉफ सेंटर धार की  प्रशासक व थाना नौगांव में दिनांक 3.12.2020 को लेखी आवेदन किया कि अभियोक्‍त्री के साथ दुष्‍कर्म हुआ है अभियुक्‍त का सही नाम नही बता रही है उक्‍त पीडिता ने दिनांक 09.12.2023 को बालक को जन्‍म दिया है । पीडिता और उसकी मां बालक को अभ्‍यर्पित   करना चाहती है उक्‍त लेखी आवेदन की जांच पर से संदेही कन्‍हैयालाल और मारू उर्फ नारू उर्फ नारायण का डी.एन.ए परीक्षण करवाया गया है जिसमें पाया गया है कि आरोपी मारू उर्फ नारू उर्फ नारायण बेबी बॉय का जैविक पिता है व पीडिता बेबी बॉय की जैविक माता है । पुलिस नौगांव द्वारा अनुसंधान कर आरोपी मारू उर्फ नारू उर्फ नारायण को गिरफ्तार कर प्रकरण विचारण हेतु न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया । 
अपर लोक अभियोजक पैरवीकर्ता शरद कुमार पुरोहित ने आज गुरुवार को जानकारी देते हुए  बताया कि प्रकरण में स्‍टॉफ सेंटर धार के साक्षीगण व मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्‍टर के कथन न्‍यायालय में करवायें गये है । डॉक्‍टर द्वारा बताया गया है कि पीडिता की वा‍स्‍तविक उम्र 22 वर्ष की होकर उसका आई.क्‍यु  लेवल 04 वर्षीय बालिका के समान थी, न्‍यायालय में  पीडिता  द्वारा आरोपी को पहचानते हुए उसके साथ तीन बार दुष्‍कर्म करना बताया गया । प्रकरण में डी.एन.ए. जाँच रिपोर्ट विशेषज्ञ डॉक्‍टर अनिल कुमारसिंह भोपाल द्वारा अपने कथन में पीडिता बेबी बॉय व आरोपी मारू उर्फ नारू उर्फ नारायण के प्रयोगशाला की जांच में प्रत्‍येक जेनेटिक मार्कर पर एक ऐलिल तीनों कें समान पाये गये है।
न्‍यायालय द्वारा आरोपी मारू उर्फ नारू उर्फ नारायण उम्र 45 साल वर्ष निवासी हाथीथान धार को अपराध धारा 376, 376(2)(f), 376(1)(L), 376(2)(N) भादवि में आजीवन प्राकृत जीवनकाल का कारावास व 30,000/- रूपये अर्थदण्‍ड से दंडित किया व अपराध पीडित प्रतिकर योजना के तहत पीडित पक्ष को प्रतिकर राशि दिलाये जाने का निर्णय दिया । प्रकरण मे शासन की और से अतिरिक्‍त लोक अभियोजक शरद कुमार पुरोहित धार द्वारा पैरवी की गयी ।

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