धार के बदनावर में महू-नीमच फोरलेन पर सड़क हादसे में तीन की मौत, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम।
धार जिले मे बदनावर के महू-नीमच फोरलेन पर स्थित पिटगारा चौराहे पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी और उनकी 14 वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर के बाद ट्राला बाइक को करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। इसके बाद बाइक ट्राले से अलग हुई और ट्राले का ड्राइवर वाहन लेकर मौके से भाग गया
आज शनिवार सुबह हुए इस भीषण हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है। मृतकों की पहचान राहुल पिता निर्भय सिंह भाटी (35), उनकी पत्नी पूजा (30) और बेटी सुमन (14) के रूप में हुई है। हादसे में उनकी छोटी बेटी शिवानी (12) गंभीर रूप से घायल हुई है। उसे तत्काल बदनावर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए रतलाम रेफर किया गया।
इस दर्दनाक हादसे के बाद लोगों का गुस्सा साफ-साफ देखने को मिला। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर ही शवों को रखकर महू-नीमच फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले इस जाम के कारण रतलाम-इंदौर मार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।लोगों ने तिराहे पर स्पीड ब्रेकर बनाने और मृतकों के परिजन को समुचित मुआवजा देने की मांग शुरू कर दी।दुर्घटना में बाइक क्रमांक एमपी 43 ईएफ 2220 भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू की। हादसे के बाद पुलिस ट्राला और उसके चालक की तलाश में जुट गई।
सूचना मिलने पर एसडीएम प्रियंका मिमरोट, एसडीओपी अरविंदसिंह तोमर, टीआई अमितसिंह कुशवाह और तहसीलदार सुरेश नागर पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल अपनी पत्नी पूजा और दोनों बेटियों के साथ ग्राम धमाना में लहसुन की बोवनी करने के लिए बाइक से जा रहा था। इसी दौरान पिटगारा तिराहे के पास पीछे से तेज गति से आए ट्राला ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटी बेटी शिवानी गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसे के बाद परिवार में अब राहुल का नाबालिग पुत्र दिलखुश ही बचा है। वह घर पर रहने के कारण हादसे के समय परिवार के साथ नहीं था। हादसे की खबर गांव में पहुंचते ही शोक की लहर फैल गई। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। घटनास्थल पर भी बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे।
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